2. गरीबी और इसके कारण
कुछ दिन पहले की बात है कि किसी आदमी किसी क तो जाना था लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी कार रास्ते में खराब हो गई।। मजबूरन मैकेनिक बुलाने की जरूरत पड़ी। एक रिक्शावाला एक पेड़ के नीचे रिक्शा लगाकर छाया में सोया हुआ था। उसे जाने के लिए बोला तो उसने मना कर दिया। उसने "ज्यादा किराया देना चाहा फिर भी वो नहीं माना । कहने लगा ज्यादा पैसों का लालच हम नहीं करते, दाल रोटी का बन जाए बस ठीक है ।"उसकी बात सुनकर वो आदमी दंग रह गया। उसने उससे पूछा तुम और पैसा कमाना नहीं चाहते? तरक्की नहीं चाहते?"यह सुनकर वह तुनक कर बोला, छोड़ो साहब जी रिक्शावाला क्या तरक्की करेगा?"इस पर उसने अपने उसे समझाया "देखो,आज तुम रिक्शा चलाते हो, कल ऑटो रिक्शा चला सकते हो। ऑटो रिक्शा से तुम टैक्सी खरीद सकते हो,टैक्सी से ट्रक और फिर धीरे -धीरे अपनी ट्रांसपोर्ट भी बना सकते हो।"यह सुनकर वह हंसा और आने लगा - " साहब क्यों गरीब का मजाक उड़ाते हो? सुबह-सबह कोई और नहीं मिला क्या?"आईओ
ऐसे लोगों ने बड़ा बनने की सोच ही पैदा नहीं होती। गरीबी में जन्म लेते हैं और गरीबी में ही मर जाते हैं उनके परिवार वालों इनसे क्या आशा रख सकते हैं?
कई लोग अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए अंडरवियर और लेते हैं। तुम्हें हमारा पुराना दोस्त मिला, हमने पूछा" क्या करते हो? उसने बताया ट्रेडिंग का काम करता हूं, जितनी जरूरत हो उतना करता हूं, बाकी सारा दिन आराम।"क्या ज्यादा पैसा कमाने की इच्छा नहीं होती ज्यादा पैसा कमाने की इच्छा नहीं होती। उसने पूछा।
" किसके लिए कमाओ?", "बच्चों के लिए?
"बच्चा बड़ा होकर समझदार निकला तो खुद कमा लेगा और अगर निकामा निकला तो मेरे कमाए हुए को भी गंवा देगा।"तो यह था उसका तर्क। ऐसा तर्क देकर उसने खुद को सही साबित करने की कोशिश की, लेकिन सच तो यह है कि वह ज्यादा मेहनत करना ही नहीं चाहता था?
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कुछ दिन पहले की बात है कि किसी आदमी किसी क तो जाना था लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी कार रास्ते में खराब हो गई।। मजबूरन मैकेनिक बुलाने की जरूरत पड़ी। एक रिक्शावाला एक पेड़ के नीचे रिक्शा लगाकर छाया में सोया हुआ था। उसे जाने के लिए बोला तो उसने मना कर दिया। उसने "ज्यादा किराया देना चाहा फिर भी वो नहीं माना । कहने लगा ज्यादा पैसों का लालच हम नहीं करते, दाल रोटी का बन जाए बस ठीक है ।"उसकी बात सुनकर वो आदमी दंग रह गया। उसने उससे पूछा तुम और पैसा कमाना नहीं चाहते? तरक्की नहीं चाहते?"यह सुनकर वह तुनक कर बोला, छोड़ो साहब जी रिक्शावाला क्या तरक्की करेगा?"इस पर उसने अपने उसे समझाया "देखो,आज तुम रिक्शा चलाते हो, कल ऑटो रिक्शा चला सकते हो। ऑटो रिक्शा से तुम टैक्सी खरीद सकते हो,टैक्सी से ट्रक और फिर धीरे -धीरे अपनी ट्रांसपोर्ट भी बना सकते हो।"यह सुनकर वह हंसा और आने लगा - " साहब क्यों गरीब का मजाक उड़ाते हो? सुबह-सबह कोई और नहीं मिला क्या?"आईओ
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कई लोग अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए अंडरवियर और लेते हैं। तुम्हें हमारा पुराना दोस्त मिला, हमने पूछा" क्या करते हो? उसने बताया ट्रेडिंग का काम करता हूं, जितनी जरूरत हो उतना करता हूं, बाकी सारा दिन आराम।"क्या ज्यादा पैसा कमाने की इच्छा नहीं होती ज्यादा पैसा कमाने की इच्छा नहीं होती। उसने पूछा।
" किसके लिए कमाओ?", "बच्चों के लिए?
"बच्चा बड़ा होकर समझदार निकला तो खुद कमा लेगा और अगर निकामा निकला तो मेरे कमाए हुए को भी गंवा देगा।"तो यह था उसका तर्क। ऐसा तर्क देकर उसने खुद को सही साबित करने की कोशिश की, लेकिन सच तो यह है कि वह ज्यादा मेहनत करना ही नहीं चाहता था?
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